आयुष्मान हार्ट केयर सेंटर, बीकानेर में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख (एचओडी) डॉ. बी.एल. स्वामी और उनकी टीम ने हाल ही में एक जटिल और जोखिमपूर्ण मामले में 62 वर्षीय मधुमेह से पीड़ित मरीज का सफलतापूर्वक इलाज किया। मरीज को बार-बार बेहोशी और हृदय की विफलता का सामना करना पड़ रहा था। टीम ने पहले मरीज के हृदय की धड़कन को स्थिर करने के लिए पेसमेकर लगाया और बाद में ट्रॉप-आई पॉजिटिव होने और सीने में दर्द के कारण, एक जटिल एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया के माध्यम से ब्लॉक हटाकर स्टेंट प्रत्यारोपित किया।

मरीज की प्रारंभिक स्थिति और उपचार की आवश्यकता

मरीज को मधुमेह के साथ-साथ हृदय की गंभीर समस्याएं थीं:

  • बेहोशी और हृदय की विफलता: मरीज बार-बार बेहोश हो रहा था और हृदय की पंपिंग क्षमता में कमी हो रही थी, जो हृदय की विफलता के संकेत थे।
  • ट्रॉप-आई पॉजिटिव और सीने में दर्द: मरीज का ट्रॉप-आई (Troponin I) टेस्ट पॉजिटिव आया, जो हृदय की मांसपेशियों में क्षति का संकेत है, और साथ ही सीने में गंभीर दर्द भी था।

पेसमेकर और उसकी भूमिका

पेसमेकर एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो हृदय के अनियमित धड़कन को नियंत्रित करने के लिए हृदय में प्रत्यारोपित किया जाता है।

  • उद्देश्य: पेसमेकर का मुख्य उद्देश्य हृदय की धड़कन को सामान्य करना और अचानक बेहोशी या हृदय की गति रुकने जैसी स्थितियों से बचाना है।
  • प्रक्रिया: मरीज में पहले पेसमेकर लगाया गया ताकि उसकी हृदय की धड़कन को स्थिर किया जा सके और हृदय की विफलता को रोका जा सके।

एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग की प्रक्रिया

मरीज का ट्रॉप-आई पॉजिटिव होने और सीने में दर्द होने के कारण, आगे की जांच की गई और पाया गया कि उसकी लेफ्ट एंटीरियर डिसेन्डिंग (LAD) आर्टरी में 90% ब्लॉकेज था।

  • कटिंग बैलून एंजियोप्लास्टी: इस प्रक्रिया में, एक विशेष प्रकार का बैलून, जिसे कटिंग बैलून कहा जाता है, का उपयोग ब्लॉकेज को हटाने के लिए किया गया। कटिंग बैलून में छोटे ब्लेड होते हैं जो धमनियों में जमे हुए प्लाक (चर्बी) को काटते हैं और हटाते हैं, जिससे रक्त प्रवाह में सुधार होता है।
  • स्टेंट प्रत्यारोपण: ब्लॉकेज हटाने के बाद, एक स्टेंट, जो कि एक छोटा धातु का जाल होता है, धमनियों में डाला गया ताकि वह धमनियों को खुला रख सके और भविष्य में किसी भी प्रकार के ब्लॉकेज को रोका जा सके।

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उपचार के परिणाम और मरीज की स्थिति में सुधार

इस जटिल प्रक्रिया के सफल होने के बाद, मरीज की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया:

  • बेहोशी और हृदय की विफलता में कमी: पेसमेकर लगाने से मरीज की बेहोशी की घटनाएं बंद हो गईं और हृदय की पंपिंग में सुधार हुआ।
  • ब्लॉकेज हटाने और स्टेंटिंग के बाद सुधार: एंजियोप्लास्टी और स्टेंटिंग के बाद, मरीज का सीने का दर्द कम हुआ और हृदय की धमनियों में रक्त का प्रवाह सामान्य हुआ।

निष्कर्ष

आयुष्मान हार्ट केयर सेंटर में किए गए इस सफल इलाज ने साबित कर दिया है कि बीकानेर में भी अब जटिल और उन्नत कार्डियक प्रक्रियाएं संभव हैं। डॉ. बी.एल. स्वामी और उनकी टीम की विशेषज्ञता और समर्पण ने इस जटिल मामले को सफलतापूर्वक हल किया और मरीज को एक नया जीवन प्रदान किया। यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि अब बीकानेर के मरीजों को उन्नत कार्डियक उपचार के लिए बड़े शहरों की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है; आयुष्मान हार्ट केयर सेंटर उनके अपने शहर में ही उन्नत सेवाएं प्रदान कर रहा है।

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